Nangli Tirth
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- जब एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति को कष्ट देता है, तो क्या वह उसके प्रारब्ध काट रहा होता है?
- आत्मा, परमात्मा और गुरु में कौन सर्वोच्च है?
- आध्यात्मिक प्रेम और व्यक्तिगत प्रेम में क्या अंतर है?
- क्या सांसारिक सफलता और भोग की इच्छा के साथ भी भगवान की प्राप्ति हो सकती है?
- भगवान की प्राप्ति के लिए गुरु का क्या महत्व है
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🌿 कर्म के तीन प्रकार शास्त्रों में कर्म को तीन मुख्य भागों में बाँटा गया है— संचित कर्म (Sanchit Karma):यह वे सभी कर्म हैं जो अनेक जन्मों से हमने किए हैं, परंतु जिनका फल अभी तक नहीं मिला। ये एक भंडार के समान हैं — जैसे किसी खाते में जमा किए हुए पुण्य और पाप।…