Nangli Tirth
A site to answer few questions
recent posts
- जब एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति को कष्ट देता है, तो क्या वह उसके प्रारब्ध काट रहा होता है?
- आत्मा, परमात्मा और गुरु में कौन सर्वोच्च है?
- आध्यात्मिक प्रेम और व्यक्तिगत प्रेम में क्या अंतर है?
- क्या सांसारिक सफलता और भोग की इच्छा के साथ भी भगवान की प्राप्ति हो सकती है?
- भगवान की प्राप्ति के लिए गुरु का क्या महत्व है
265 hits
recent posts
- जब एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति को कष्ट देता है, तो क्या वह उसके प्रारब्ध काट रहा होता है?
- आत्मा, परमात्मा और गुरु में कौन सर्वोच्च है?
- आध्यात्मिक प्रेम और व्यक्तिगत प्रेम में क्या अंतर है?
- क्या सांसारिक सफलता और भोग की इच्छा के साथ भी भगवान की प्राप्ति हो सकती है?
- भगवान की प्राप्ति के लिए गुरु का क्या महत्व है
265 hits
-
🌿 कर्म के तीन प्रकार शास्त्रों में कर्म को तीन मुख्य भागों में बाँटा गया है— 🔥 कौन-से कर्म भक्ति से नष्ट हो जाते हैं? हे वत्स,शुद्ध भगवद्भक्ति इतनी शक्तिशाली है कि वह संचित और क्रियमाण — दोनों कर्मों को जला देती है, परंतु प्रारब्ध कर्म को सामान्यतः पूर्णतया नहीं मिटाती, केवल उसकी तीव्रता को…
-
उत्तरी उत्तर प्रदेश के मी रट जिले में स्थित “Nangli Tirath” एक प्रमुख आध्यात्मिक तीर्थस्थान है। इसे अक्सर “Nangli Sahib” या “Nangli Dham” के नाम से भी जाना जाता है। nanglitirath.com+2nanglitirath.com+2यह वहाँ के संस्थापक एवं संत Swami Swarupanand Ji Maharaj (1 फरवरी 1884 – 9 अप्रैल 1936) के समाधि स्थल के रूप में ख्यात है।…